Sunday, August 19, 2012

सदियों पुराना नाता हमारा



दिल की तमन्ना थी, जीवन की राहों मे
ऐसा मिले मुझको साथी ।
साथ वो जब जब हो, ना कोई भी गम हो
वो हो दिया,और मैं बाती ।

जब भी तू रूठेगा, आँखों से आंसू का
सागर एक छूटेगा जैसे,
सदियों पुराना है नाता हमारा ये
क्षणभर में टूटेगा कैसे?

तूने तो बोला था, गले लगा लेगा
गर मुझको एक आंसू भी आया
झूठा वादा तेरा, होगा क्या अब मेरा ..
तुने ही  मुझको रुलाया
सदियों पुराना है नाता हमारा ये 
क्षणभर में तुने भुलाया...,
क्षणभर में तुने भुलाया..


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