Friday, July 27, 2012

बस तुम्हारा नाम ..!!


यादों के कोहरे में
बर्फ़ से ढकी
दिल की शाखों पर
बस तुम्हारा नाम है।

पनीली आँखों से
 आंसुओ को निकालती
पलकों की सलाखों पर
बस तुमारा नाम है।

झील के किनारे
बासंती गुलमोहर के
चटकीले फूलों पर
बस तुम्हारा नाम है।

बाग़ की कुर्सियों पर
 भोर से ठहरी
ओस की बूंदों पर
बस तुम्हारा नाम है।

ढ़लती हुई शाम के
लाल रंग से रचे
मेहँदी के हाथों पर
बस तुम्हारा नाम है।

सर्द सुबह
 बर्फ़ीली झील में तैरती
नाव  की पतवारों पर
बस तुम्हारा नाम है।

बस तुम्हारा नाम ......!!

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